8 से 10 हजार लोगों ने पैदल मार्च निकालकर जताई एकजुटता, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
लक्सर। आफताब खान, वरिष्ठ विशेष संवाददाता।
यूजीसी रोलबैक की मांग को लेकर सामान्य वर्ग की ओर से हरिद्वार के रानी माजरा में विशाल आंदोलन महासभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सामान्य वर्ग के करीब 8 से 10 हजार लोगों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर अपनी सहभागिता दर्ज कराई और मांगों को लेकर एकजुटता का प्रदर्शन किया। महासभा के बाद हजारों लोगों ने पैदल मार्च निकालकर अपनी मांगों को लेकर प्रशासन के समक्ष ज्ञापन प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता बलवंत सिंह चौहान ने की। मुख्य अतिथि के रूप में शामली से ठाकुर पूरन सिंह चौहान उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में दिल्ली हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल मिश्रा, अधीर कौशिक, शेर सिंह राणा तथा पं. पदम प्रकाश शर्मा सहित सामान्य वर्ग के अनेक गणमान्य एवं सामाजिक चिंतक शामिल हुए।
रूबराज बैंकट हॉल में हुई विशाल महासभा
कार्यक्रम के प्रथम चरण में रानी माजरा स्थित रूबराज बैंकट हॉल में विशाल महासभा आयोजित की गई। महासभा में दूर-दराज से पहुंचे लोगों ने भाग लिया। इस दौरान वक्ताओं ने यूजीसी रोलबैक की मांग से संबंधित विभिन्न विषयों पर अपने विचार रखे।
वक्ताओं ने कहा कि समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को लेकर लोगों के बीच जागरूकता और संवाद आवश्यक है। उन्होंने सामान्य वर्ग के हितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करते हुए समाज की एकजुटता बनाए रखने का आह्वान किया। साथ ही आंदोलन को शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से आगे बढ़ाने की बात कही गई।
महासभा के दौरान विभिन्न वक्ताओं ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया। वक्ताओं के विचारों को सुनने के लिए बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम स्थल पर मौजूद रहे। कार्यक्रम में लगातार लोगों की सहभागिता देखने को मिली।

हजारों लोगों ने निकाला पैदल मार्च
महासभा के समापन के बाद हजारों की संख्या में सामान्य वर्ग के लोगों ने पैदल मार्च निकाला। यह मार्च रानी माजरा से ग्राम धारीवाला तक पहुंचा। मार्च के दौरान बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे और अपनी मांगों के समर्थन में एकजुटता प्रदर्शित की।
ग्राम धारीवाला पहुंचने के बाद उपस्थित लोगों ने महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके पश्चात प्रतिनिधिमंडल द्वारा संबंधित प्रशासनिक अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से यूजीसी रोलबैक से संबंधित मांगों से प्रशासन को अवगत कराया गया तथा इस विषय पर आवश्यक कार्रवाई की मांग रखी गई।
कार्यक्रम में दिखा उत्साह
पूरे कार्यक्रम के दौरान सामान्य वर्ग के लोगों में उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के कारण कार्यक्रम को व्यापक स्वरूप मिला। आयोजकों ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों का कार्यक्रम में पहुंचना समाज की जागरूकता और संगठनात्मक सहभागिता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि समाजहित से जुड़े विषयों को लेकर भविष्य में भी शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात संबंधित अधिकारियों एवं शासन-प्रशासन के समक्ष रखी जाएगी।
आयोजन को सफल बनाने में इनका रहा योगदान
कार्यक्रम को सफल बनाने में आयोजन समिति के अक्षय चौहान, सचिन चौहान, अभिषेक चौहान, पीयूष चौहान, सौरभ चौहान, पंकज चौहान, नितिन चौहान, संदीप शर्मा, रविंद्र शर्मा एवं यशपाल चौहान का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
इन सभी के प्रयासों से कार्यक्रम को व्यवस्थित रूप से संपन्न कराया गया। कार्यक्रम ठाकुर अर्जुन सिंह चौहान, शिवकुमार चौहान, धर्मेंद्र चौहान, राजेश बक्शी एवं अतुल चौहान के सानिध्य में आयोजित हुआ।
प्रोफेसर शिवकुमार चौहान सहित तीन लोगों ने किया मंच संचालन
कार्यक्रम का मंच संचालन प्रोफेसर शिवकुमार चौहान, पीयूष चौहान एवं संदीप शर्मा ने किया। मंच संचालन के दौरान अतिथियों एवं वक्ताओं का परिचय कराया गया तथा उनके विचारों को प्रभावी ढंग से उपस्थित जनसमूह तक पहुंचाया गया।
कार्यक्रम में प्रमुख वक्ताओं एवं अतिथियों के रूप में ठाकुर पूरन सिंह चौहान शामली, दिल्ली हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल मिश्रा, बलवंत सिंह चौहान सीतापुर, शेर सिंह राणा रुड़की, पं. पदम प्रकाश शर्मा एवं अधीर कौशिक सहित अनेक सामाजिक चिंतक और गणमान्य लोग मौजूद रहे।
आयोजकों ने जताया सभी का आभार
कार्यक्रम के समापन पर आयोजकों ने महासभा एवं पैदल मार्च में शामिल हुए सभी सामान्य वर्ग के सामाजिक बंधुओं, अतिथियों, पदाधिकारियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।
आयोजकों ने कहा कि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता से यह स्पष्ट हुआ कि समाज के लोग अपने मुद्दों को लेकर जागरूक हैं और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने के लिए एकजुट होकर आगे आ रहे हैं। उन्होंने सभी से भविष्य में भी समाजहित से जुड़े विषयों पर शांतिपूर्ण, संयमित और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करने का आह्वान किया।

