लक्सर। आफताब खान, वरिष्ठ विशेष संवाददाता।
लक्सर तहसील क्षेत्र के राजकीय विद्यालयों में कार्यरत भोजन माताओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर लक्सर विधायक मोहम्मद शहजाद के कैंप कार्यालय पहुंचकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। भोजन माताओं ने सरकार से मानदेय बढ़ाने के साथ-साथ विद्यालयों में अतिरिक्त कार्य लिए जाने पर अलग से भुगतान किए जाने की मांग उठाई।
भोजन माताओं का नेतृत्व कर रही संगठन की कोषाध्यक्ष रजनी ने कहा कि राजकीय विद्यालयों में भोजन माताओं द्वारा पूरे महीने नियमित रूप से कार्य किया जाता है। इसके बावजूद उन्हें सरकार की ओर से वर्तमान में मात्र 3000 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है, जो वर्तमान महंगाई के दौर में बेहद कम है। उन्होंने कहा कि भोजन माताएं विद्यालयों में बच्चों के लिए भोजन तैयार करने और रसोई से संबंधित कार्यों के अलावा भी कई अन्य जिम्मेदारियां निभाती हैं।
रजनी ने बताया कि भोजन माताओं से रसोई के कार्य के अतिरिक्त कई स्थानों पर माली और चौकीदार से संबंधित कार्य भी कराया जाता है। इसके बावजूद इन अतिरिक्त जिम्मेदारियों के लिए उन्हें अलग से कोई मानदेय नहीं दिया जाता। उन्होंने कहा कि भोजन माताएं लंबे समय से अपनी समस्याओं और मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करती आ रही हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का अपेक्षित समाधान नहीं हो पाया है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि भोजन माताओं के मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि करते हुए इसे 3000 रुपये से बढ़ाकर 15 हजार रुपये प्रतिमाह किया जाए। इसके साथ ही यदि भोजन माताओं को चुनाव या अन्य सरकारी ड्यूटी में लगाया जाता है तो उन्हें उस अतिरिक्त कार्य के लिए अलग से मानदेय दिया जाए।
भोजन माताओं ने कहा कि विद्यालयों में बच्चों के लिए भोजन तैयार करने का महत्वपूर्ण दायित्व उनके ऊपर है। वह प्रतिदिन निर्धारित समय पर विद्यालय पहुंचकर अपने कार्य को जिम्मेदारी के साथ पूरा करती हैं। ऐसे में उनके मानदेय में वृद्धि किया जाना जरूरी है, ताकि उन्हें आर्थिक राहत मिल सके।
इस दौरान भोजन माताओं ने विधायक मोहम्मद शहजाद के समक्ष अपनी समस्याएं रखते हुए सरकार तक उनकी मांगों को पहुंचाने का अनुरोध किया। विधायक मोहम्मद शहजाद ने भोजन माताओं को आश्वासन देते हुए कहा कि वह उनकी समस्याओं और मांगों को सरकार के समक्ष उठाने का प्रयास करेंगे।
विधायक ने कहा कि इससे पहले भी उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की आवाज सदन में उठाई है और उनकी समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि भोजन माताएं भी विद्यालय व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं और उनकी मांगों को संबंधित स्तर तक पहुंचाया जाएगा।
विधायक के आश्वासन के बाद भोजन माताओं ने उम्मीद जताई कि उनकी मांगों पर सरकार गंभीरता से विचार करेगी और मानदेय बढ़ाने के साथ-साथ अतिरिक्त सरकारी ड्यूटी के लिए अलग से भुगतान की व्यवस्था की जाएगी।
