विधवा महिला की बेटी के विवाह की उठाई पूरी जिम्मेदारी
लक्सर। आफताब खान, वरिष्ठ विशेष संवाददाता।
“जिसका कोई नहीं, उसका तो खुदा है यारों”—यह पंक्ति उस समय पूरी तरह चरितार्थ होती दिखाई दी, जब आर्थिक रूप से बेहद कमजोर एक गरीब विधवा महिला की बेटी के विवाह में मदद के लिए जन निर्माण पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्षा सोनिया शर्मा आगे आईं। सोनिया शर्मा ने न केवल पीड़ित महिला की बात को गंभीरता से सुना, बल्कि उसकी बेटी के विवाह की पूरी जिम्मेदारी अपने कंधों पर लेते हुए विवाह संपन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
जानकारी के अनुसार टांडा बन्हेडा निवासी एक गरीब विधवा महिला अपनी बेटी के विवाह को लेकर बेहद चिंतित थी। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उसके सामने बेटी के विवाह का खर्च उठाना बड़ी चुनौती बना हुआ था। मदद की उम्मीद लेकर वह खानपुर विधायक उमेश कुमार के कार्यालय पहुंची, जहां उसकी मुलाकात जन निर्माण पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्षा सोनिया शर्मा से हुई।
बताया गया कि महिला ने सोनिया शर्मा को अपनी आर्थिक स्थिति और बेटी के विवाह की समस्या से अवगत कराया। महिला ने भावुक होकर अपनी बेटी के विवाह में सहयोग की गुहार लगाई। महिला की पीड़ा सुनकर सोनिया शर्मा ने मानवीय संवेदना का परिचय देते हुए उसे भरोसा दिलाया कि उसकी बेटी का विवाह किसी भी स्थिति में नहीं रुकने दिया जाएगा।

इसके बाद सोनिया शर्मा ने विवाह की पूरी जिम्मेदारी स्वयं उठाने का निर्णय लिया। उन्होंने गरीब परिवार की जरूरत को समझते हुए विवाह से संबंधित आवश्यक व्यवस्थाओं में सहयोग किया, जिससे विधवा महिला की बेटी का विवाह विधि-विधान एवं सम्मान के साथ संपन्न हो सका।
सोनिया शर्मा के इस मानवीय कार्य की क्षेत्र में चर्चा हो रही है। लोगों का कहना है कि राजनीति का वास्तविक उद्देश्य केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि समाज के जरूरतमंद और कमजोर वर्ग के लोगों के दुख-दर्द में उनके साथ खड़ा होना भी है। सोनिया शर्मा ने एक गरीब परिवार की मदद कर यह संदेश दिया है कि यदि समाज के सक्षम लोग जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे आएं तो अनेक परिवारों की परेशानियां कम हो सकती हैं।
विधवा महिला और उसके परिवार ने सोनिया शर्मा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जिस समय उन्हें अपनी बेटी के विवाह की चिंता सताए जा रही थी, उस समय सोनिया शर्मा ने आगे बढ़कर मदद का हाथ थामा। परिवार ने कहा कि उनके सहयोग को वे जीवनभर नहीं भूल पाएंगे।
स्थानीय लोगों ने भी सोनिया शर्मा के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि जरूरतमंद परिवार की मदद करना सबसे बड़ी इंसानियत है। गरीब परिवार की बेटी का विवाह सम्मानपूर्वक संपन्न कराने में सहयोग देकर सोनिया शर्मा ने समाज के सामने मानवीय संवेदना और सेवा की मिसाल पेश की है।
क्षेत्र में अब सोनिया शर्मा को गरीब और जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए आगे आने वाली जनप्रतिनिधि के रूप में देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि ऐसे कार्यों से समाज में मानवता, भाईचारे और एक-दूसरे की मदद करने की भावना मजबूत होती है।

